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नई दिल्ली. हाथ में हॉकी स्टिक थामे वो अक्सर एक्ट्रेस बनने के सपना देखा करती थी. स्कूल-कॉलेज में पढ़ाई के साथ-साथ हॉकी खिलाड़ी के तौर पर मशहूर होने लगी थीं कि प्रियंका सिंह (Priyanka Singh) ने अपने एक और जुनून एक्टिंग का पीछा करना चुना और फिर मुंबई का रुख कर लिया. सहारनपुर जैसे छोटे से शहर में पली-बढ़ी और एक साधारण से परिवार से ताल्लुक रखने वाली प्रियंका सिंह को बचपन से ही एक्टिंग का शौक था. यही वजह है कि पढ़ाई के दिनों में वो स्कूल-कॉलेज के मंचों पर नाटकों में हिस्सा लिया करती थी, लेकिन एक दिन जब उन्हें इस बात का एहसास हुआ कि उसे हॉकी का स्टिक थामकर गोल करने और गोल रोकने की जद्दोजहद से कहीं ज्यादा अच्छा एक्टिंग करना लगता है, तो उन्होंने हॉकी खिलाड़ी बनने के अरमान को त्याग दिया और अभिनय की दुनिया में कुछ कर दिखाने का जज्बा लिए वो बॉलीवुड की गलियों जा पहुंचीं.

2016 में मुंबई पहुंची प्रियंका सिंह अपने पीछे सहारनपुर के पुलिस महकमे में काम करने वाली अपनी मां को छोड़ आई थीं. दिवगंत पिता का ताल्लुक भी पुलिस महकमे से ही था. अपनी पारिवारिक पृष्ठभूमि और छोटे से शहर से ताल्लुक रखने के चलते मुंबई जाकर फिल्मों में काम‌ करने का प्रियंका सिंह का सपना काफी बड़ा था. मगर छोटे शहरों में साधारण लोगों द्वारा देखे जाने जाने वाले बड़े-बड़े ख्वाब भी सच होते हैं. इस यकीन ने प्रियंका सिंह को बॉलीवुड का एक्ट्रेस बना दिया. ऐसा नहीं है कि प्रियंका सिंह संघर्ष के दौर से नहीं गुजरीं. ऑडिशन पर ऑडिशन देकर भी कभी बिल्कुल भी काम नहीं मिलने, तो कभी मन मुताबिक काम नहीं मिलने की हताशा ने प्रियंका सिंह के मन को भी घेरा, उसके हौसले को झकझोरा. फिर बॉलीवुड में कुछ कर गुजरने की खुद की काबिलियत पर प्रियंका सिंह को कुछ यूं शक हुआ कि वो वापस सहारनपुर लौट गई, कभी भी वापस नहीं लौटने के लिए.

‘काशी: इन सर्च ऑफ गंगा’ से प्रियंका ने किया था बॉलीवुड डेब्यू.

मगर प्रियंका सिंह जैसे एक्टिंग करने के‌ लिए ही बनी थी. एक्टिंग जुनून बनकर उनके रगों में दौड़ रहा था. यही वजह है सहारनपुर लौट जाने के बाद भी प्रियंका सिंह का दिल बॉलीवुड के लिए धड़क रहा था. एक दिन फिर से मुंबई का बुलावा आया एक ऐड फिल्म में काम करने की शक्ल में. प्रियंका सिंह ने उस ऑफर के लिए हां कहकर एक बार फिर से अपने सपनों को पंख लगा लिए. कई ऐड फिल्मों में काम करने के बाद प्रियंका सिंह को आखिरकार एक फिल्म‌ में काम करने का मौका मिला. फिल्म का नाम था ‘काशी: इन सर्च ऑफ गंगा’.

धीरज कुमार निर्देशित इस फिल्म में प्रियंका सिंह ने शरमन जोशी की बहन गंगा का टाइटल रोल निभाया था. अपनी डेब्यू फिल्म‌ में एक्टिंग के जरिए प्रियंका सिंह ने लोगों का दिल जीत लिया था. पहली ही फिल्म‌ में काम की तारीफ हुई तो प्रियंका सिंह का आत्मविश्वास इस कदर बढ़ा कि उन्होंने सिनेमा को ही अपने जीने का मकसद बना लिया. प्रियंका सिंह अब जल्द अपनी दूसरी फिल्म ‘सुस्वागतम खुशामदीद’ में एक अहम रोल‌ में नजर आएंगी. इस फिल्म में पुलकित सम्राट और इसाबेल कैफ भी मुख्य भूमिकाओं में हैं. प्रियंका अब अपने सिनेमा के सफर को यूं ही जारी रखते हुए विभिन्न तरह के किरदार

प्रियंका सिंह अब जल्द अपनी दूसरी फिल्म ‘सुस्वागतम खुशामदीद’ में एक अहम रोल‌ में नजर आएंगी.

निभाना चाहती हैं.

सहारनपुर से मुंबई में बॉलीवुड के अपने अनपेक्षित सफर के बारे में प्रियंका सिंह कहती हैं, ‘सपने देखना और उन्हें सच होते देखने से ज्यादा कुछ भी रोमांचक नहीं हो सकता है. मेरी जिंदगी और फिल्मों में काम कर अपनी एक अलग मकाम बनाने की मेरी कोशिशें इस बात का जीता-जागता सबूत हैं. मुझे यकीन है कि मैं एक दिन बॉलीवुड के आसमां में एक सितारे के तौर पर अपना नाम दर्ज कराने में कामयाबी हो जाऊंगी.’

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