जया बच्चन ने नातिन नव्या नवेली नंदा को बताया बीते दिनों का दर्द, झाड़ियों के पीछे बदलने पड़ते थे नैपकिन


हाइलाइट्स

जया बच्चन ने सैनेटरी पैड बदलने की परेशानियों पर की बात.
कहा-होनी चाहिए पीरियड लीव, पुरुषों को यह समझना होगा.

मुंबई. ‘जब हम शूट के लिए बाहर होते थे तो हमारे पास वैन नहीं होती थी. हमें झाड़ियों के पीछे कपड़े चेंज करने होते थे. सैनेटरी पेड भी.’ यह कहना है दिग्गज अदाकारा जया बच्चन (Jaya Bachchan) का. जया ने हाल ही अपनी नातिन नव्या नवेली नंदा (Navya Naveli Nanda) के पोडकास्ट ‘व्हाट दि हेल नव्या’ (What The Hell Navya) पर यह खुलासा किया. जया की ये बातें तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं.

नव्या नवेली नंदा का पोडकास्ट लगातार चर्चा में बनी हुई है. हाल ही जया बच्चन ने अपने पुराने दिनों की शूटिंग पर खुलकर बात की. जया ने बताया कि बीते दौर में आउटडोर शूटिंग करना काफी मुश्किल हुआ करता था.

प्लास्टिक की थैली में ले जाते थे घर
जया बच्चन ने बातों ही बातों में पुराने दौर में फिल्म शूटिंग की परेशानियों को सामने रखा. जया ने कहा, ‘जब आउटडोर शूटिंग होती थी तो हमारे पास वैन नहीं होती थी. ऐसे में शॉट के लिए हमें झाड़ियों के पीछे कपड़े बदलने पड़ते थे.’ जब जया ने यह बात कही तो नव्या ने पूछा, ‘सैनेटरी पैड?’. इस पर जया ने कहा, ‘सबकुछ, प्रॉपर वॉशरूम नहीं होते थे. हमें गाड़ियों के पीछे यह बदलना होता था. यह काफी शर्मनाक था.’

बदलने होते थे 3-4 नैपकिनः जया

जया बच्चन ने आगे बताया, “3-4 नैपकिन बदलने होते थे, उन्हें एक प्लास्टिक की थैली में रखकर बास्केट में रखा जाता था ताकि घर जाकर उन्हें फेंका जा सके. क्या आप अंदाजा लगा सकते हैं 3-4 टॉवल के साथ बैठना कितना अजीब होता था. अभी तो बस, चिपका लिया जाता है. पहले टॉवल को बेल्ट के साथ बांधना होता था और यह सब बहुत बुरा होता था.”

होनी चाहिए पीरियड लीव
बातचीत के दौरान जया ने पीरियड लीव को भी सही ठहराया. जया का कहना था, ‘कई लोग पीरियड लीव के खिलाफ हैं. महिलाओं को एक या दो दिन की छुट्टी मिलनी चाहिए. भले ही इसके बदले में तब काम कर लिया जाए, जब वे अच्छा महसूस करें. पुरुषों को यह बात समझनी होगी. कई महिलाएं भी यह बात नहीं समझती हैं, उन्हें भी इस बात को समझना होगा.’

Tags: Jaya bachchan, Navya Naveli nanda





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