प्रकाश झा ने बताया क्यों वे टॉप एक्टर्स को अपनी फिल्मों में कास्ट नहीं कर सकते


प्रकाश झा (Prakash Jha) यथार्थ से जुड़ी फिल्में और वेब सीरीज बनाते रहे हैं. उनकी फिल्मों ने जिंदगी और समाज की कड़वी सच्चाई को पर्दे पर दिखाया है. उन्होंने एक अभिनेता के तौर पर भी कुछ अच्छे किरदार निभाए हैं. वे एक बार फिर पर्दे पर नजर आएंगे. दर्शक उन्हें फिल्म ‘मट्टो की साइकिल’ में एक आम आदमी की भूमिका निभाते हुए देखेंगे जो अपने सपनों को पाने की कोशिश कर रहा है.

प्रकाश झा ने अपनी फिल्म का प्रचार करते हुए एक इंटरव्यू के दौरान फिल्म इंडस्ट्री के मौजूदा हालात पर बात की. उन्होंने इंडिया टुडे से हुई बातचीत में कहा, ‘हमारी फिल्में काम नहीं कर रही हैं, क्योंकि लोग अब स्क्रिप्ट पर जोर नहीं दे रहे हैं, सिर्फ टॉप एक्टर्स के लिए प्रपोजल बना रहे हैं.’

प्रकाश झा ने कुछ एक्टर्स पर कसा तंज
फिल्म निर्माता ने आगे कहा, ‘यह उन कई चुनौतियों में से एक है, जिनका आज बॉलीवुड को सामना करना पड़ रहा है.’ प्रकाश झा ने कुछ एक्टर्स पर तंज कसा और कहा, ‘नए एक्टर्स एक हिट के बाद ही चांद मांगने लगते हैं और लोग उन्हें भारी पेमेंट देने के लिए तैयार भी होते हैं.’

प्रकाश झा के लिए टॉप एक्टर्स को कास्ट करना हुआ मुश्किल
प्रकाश झा ने पुराने दिनों को याद करते हुए बताया कि जब वे ‘गंगाजल’ जैसी फिल्में बना रहे थे, तब ऐसा नहीं था. अब एक्टर्स भी एक फिल्म को ज्यादा समय देने को तैयार नहीं हैं, इसलिए अब उन्हें अपनी फिल्मों में रणबीर कपूर और अजय देवगन जैसे टॉप एक्टर्स को कास्ट करना मुश्किल लगता है.

16 सितंबर को रिलीज होगी ‘मट्टो की साइकिल’
प्रकाश झा की पिछली वेब सीरीज ‘आश्रम 3’ को मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली थी. उनकी नई फिल्म ‘मट्टो की साइकिल’ 16 सितंबर को रिलीज होगी, जिसमें उन्होंने अभिनय किया है. प्रकाश झा ने ज्यादातर सामाजिक-राजनीतिक फिल्में बनाई हैं, जिनमें ‘दामुल’ (1984), ‘मृत्युदंड’ (1997), ‘गंगाजल’ (2003), ‘अपहरण’ (2005) जैसी फिल्में शामिल हैं. उन्होंने ‘फेस आफ्टर द स्टॉर्म’ और ‘सोनल’ जैसी डॉक्युमेंटरी भी बनाई हैं.

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