सुभाष घई ने बताया आज बॉलीवुड किन चीजों से परेशान है, सोशल मीडिया भी है एक बड़ी वजह


नई दिल्ली: सुभाष घई (Subhash Ghai) फिल्म ‘कालीचरण’ डायरेक्ट करने के बाद लोगों की नजरों में आए थे. उन्होंने इस फिल्म की स्क्रिप्ट भी लिखी थी. फिल्म निर्माता ने एक बातचीत के दौरान बॉलीवुड और फिल्मों से जुड़ी तमाम दिलचस्प बाते बताईं. उन्होंने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की खराब स्थिति के बारे में भी बात की.

उन्होंने ईटाइम्स से हुई बातचीत में ‘कालीचरण’ से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा सुनाया. वे कहते हैं, ‘मैंने ‘कालीचरण’ की स्क्रिप्ट संवादों के साथ लिखी थी, लेकिन जब मुझे इसे निर्देशित करने का ऑफर मिला, तो मैंने दो और डायलॉग राइटर्स की मांग की. एक निर्देशक फिल्म को लेकर जुनूनी हो जाता है. उसे अपने आस-पास कुछ लेखकों की जरूरत होती है, ताकि वे उसे सही ट्रैक पर बनाए रखें.’

सुभाष घई ने अपने दौर के लगभग सभी बड़े स्टार्स के साथ काम किया था. हालांकि, उन्होंने अपनी फिल्मों में नए कलाकारों को मौका भी दिया. वे बताते हैं, ‘फिल्म ‘कर्ज’ में टीना मुनीम नई थीं. कालीचरण में शत्रुघ्न सिन्हा नए थे. जब मैंने ‘कर्ज’ में उनके साथ शुरुआत की थी तो ऋषि एक स्टार थे. मैंने उनसे पूछा कि क्या वे एक स्टार के रूप में या फिर एक अभिनेता के रूप में फिल्म में आएंगे? उन्होंने मुझसे कहा कि वह स्क्रिप्ट सुनना चाहते हैं. जिस पल ऐसा हुआ, उन्होंने मुझसे कहा कि वे एक अभिनेता के रूप में फिल्म से जुड़ना चाहते हैं.’

वे आगे कहते हैं, ‘यहां तक ​​कि ‘विधाता’ में भी कोई स्टार नहीं था. संजय दत्त की ‘रॉकी’ तब भी रिलीज नहीं हुई थी, जब मैंने उन्हें ‘विधाता’ के लिए कास्ट किया था. दिलीप कुमार उन दिनों शायद ही फिल्में कर रहे थे. मैंने गुलशन राय से कहा कि मुझे दो बड़े सितारों की नहीं, बल्कि दिलीप साहब और संजू की जरूरत है.’

सुभाष घई ने इंस्टाग्राम फॉलोअर्स के आधार पर कास्टिंग को बताया गलत
सुभाष घई ने सोशल मीडिया के दौर के एक्टर्स के बारे में भी बात की. वे कहते हैं, ‘कुछ समय पहले मैंने ’36 फार्महाउस’ फिल्म की थी. एक्टर्स ने मुझे अपने फॉलोअर्स की संख्या के बारे में बताना शुरू कर दिया. सोशल मीडिया बहुत अच्छा एक्सपोजर देता है, लेकिन आप किसी के व्यक्तित्व और एक्टिंग टैलेंट को उनके इंस्टाग्राम फॉलोइंग के आधार पर तय नहीं कर सकते. वे निर्माता और निर्देशक गलत है जो एक्टर्स को इंस्टाग्राम फॉलोअर्स के आधार पर कास्ट करते हैं.

सुभाष घई ने बताई साउथ की फिल्मों की सफलता की वजह
जब उनसे पूछ गया कि साउथ सिनेमा की फिल्में चल रही हैं, पर बॉलीवुड की नहीं, तो वे बोले, ‘उन फिल्मों से लगता है कि उन्हें डायरेक्टर ने निर्देशित किया है. आप अंदाजा लगा सकते हैं कि एक्टर ने अपनी भूमिका में खुद को पूरा झोंक दिया है. हमारी इंडस्ट्री सितारों से भरी है. मुझे वह दिन याद है, जब मैंने रजनीकांत के साथ काम किया था. मैं उनके काम के प्रति उनके समर्पण, ईश्वर में उनके विश्वास और उनके सम्मान को नहीं भूल सकता.’ वे बॉलीवुड की दुर्गति के लिए एक्टर्स की ज्यादा फीस, अंग्रेजी माइंडसेट, सोशल मीडिया को जिम्मेदार ठहराते हैं.

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