27 Years Of DDLJ: गुड़गांव में मिला था पीले सरसों वाला खेत, मराठा मंदिर में देख सकते हैं शाहरुख-काजोल की फिल्म


नई दिल्ली. कुछ फिल्में समय के बंधन से मुक्त होती हैं. इन्हें जब भी देखो, नया ही लगता है. शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) और काजोल (Kajol)  स्टारर फिल्म ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ (Dilwale Dulhania Le Jayenge) को रिलीज हुए भले ही 27 साल बीत गए, लेकिन आज भी सिमरन-राज की मोहब्बत दिल धड़का देती है. 20 अक्टूबर 1995 को रिलीज हुई फिल्म के जमाने के नौजवान आज अधेड़ हो गए हैं, लेकिन फिल्म की कशिश बरकरार है. शायद यही वजह है कि मुंबई के मराठा मंदिर सिनेमाघर में यह फिल्म आज भी चल रही है.

आदित्य चोपड़ा (Aditya Chopra) की डीडीएलजे ने शाहरुख को किंग ऑफ रोमांस बना दिया. शाहरुख और काजोल ने राज और सिमरन का रोल प्ले कर सिल्वर स्क्रीन पर ऐसा जादू बिखेरा, जिसकी गिरफ्त में आज भी सिनेप्रेमी कैद हैं. DDLJ के नाम से पॉपुलर हुई इस फिल्म की शूटिंग, कास्टिंग को लेकर भी कई किस्से हैं, जिसे शायद आप पहली बार जानेंगे.

शाहरुख खान और काजोल की जबरदस्त केमिस्ट्री ने ‘सिमरन-राज’ को हिंदी सिनेमा का ऐतिसाहिक कैरेक्टर बना दिया है. ब्लॉकबस्टर रही इस फिल्म ने 10 फिल्मफेयर अवॉर्ड अपने नाम किए थे. फिल्म की सफलता ने शाहरुख के करियर में चार चांद लगा दिया. हालांकि फिल्म बनाते समय किसी ने नहीं सोचा था कि फिल्म आइकॉनिक बन जाएगी. हिंदी सिनेमा की सबसे सफल मानी जानी वाली फिल्मों में शुमार ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ के नाम किसी भी सिनेमाघर में सबसे अधिक समय तक चलने का रिकॉर्ड है. ये फिल्म 700 हफ्ते मराठा मंदिर में लगातार चली. फिर ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ के 20 साल पूरे होने के बाद फिर लगाई गई और आज भी चल रही है.

शाहरुख की जगह टॉम क्रूज ?
मीडिया रिपोर्ट की माने तो आदित्य चोपड़ा  ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ में लीड एक्टर के तौर पर टॉम क्रूज को लेना चाहते थे, क्योंकि उन्हें लगा कि इंडो अमेरिकन अफेयर की इस कहानी में वह फिट बैठेंगे. लेकिन यश चोपड़ा के कहने पर शाहरुख खान को ऑफर किया. फिर जो हुआ, उसके बारे में बताने की किसी को जरूरत नहीं है. कहते हैं कि इस फिल्म का टाइटल पहले ‘द ब्रेवहार्ट विल टेक द ब्राइड’ रखा गया था, जिसे किरण खेर ने बदल कर ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ कर दिया. वहीं काजोल के मंगेतर कुलजीत के लिए पहले अरमान कोहली से बात हुई, लेकिन ऑडिशन पर जब आदित्य ने जींस और वेस्टकोट पहने परमीत सेठी को देखा तो उन्हें लगा कि किरदार के लिए यही परफेक्ट हैं. और इस तरह परमीत को कास्ट कर लिया गया.

शाहरुख खान के लिए कैलिफोर्निया के बेकर्सफील्ड में हार्ले-डेविडसन से लेदर जैकेट खरीदी गई थी. (file)

शाहरुख खान के पॉपुलर लेदर जैकेट का किस्सा
इस फिल्म की मेकिंग के दौरान उदय चोपड़ा ने कैलिफोर्निया के बेकर्सफील्ड में हार्ले-डेविडसन के शोरूम से 400 डॉलर में लेदर जैकेट खरीदी थी. इसे शाहरुख खान ने फिल्म में पहनकर युवाओं की पसंद बना दिया था. अब बात इस फिल्म के सुपरहिट, मेलोडियस गानों की. फिल्म के सारे गाने इतने मेलोडियस हैं कि आज भी लोग ‘जरा सा झूमने…’ पर मजबूर हो जाते हैं. ‘मेंहदी लगा के रखना, डोली सजा के रखना’  के बिना तो किसी की शादी पर मेहंदी का फंक्शन अधूरा सा लगता है. सभी गानों को बेहद शानदार तरीके से फिल्माया भी गया था.

गुड़गांव में मिला पीले सरसों वाला खेत
आपको शायद ही यह पता हो कि ‘तुझे देखा तो ये जाना सनम’ जैसा पीले सरसों के खेत में रोमांस से भरपूर गाना दिल्ली से सटे गुड़गांव के पास खेत में शूट हुआ था. यही नहीं ‘मेरे ख्वाबों में जो आए’ गाने के लिए आनंद बख्शी को काफी मशक्कत करनी पड़ी थी. कहते हैं कि आदित्य चोपड़ा ने 24 बार अलग-अलग लाइनें बदलवा कर ये गाना लिखवाया था. जतिन-ललित के म्यूजिक और आनंद बख्शी के लिरिक्स को जब लता मंगेशकर, आशा भोसले, उदित नारायण, कुमार सानू और अमिताभ भट्टाचार्य की आवाज मिली तो इतिहास रच दिया.

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‘जा सिमरन जा..जी ले अपनी जिंदगी’
‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ के गानों के अलावा डायलॉग भी जबरदस्त थे. फिल्म के एक-एक सीन और डायलॉग पर थियेटर में बैठे दर्शकों ने जमकर तालियां बजाई थीं. चाहे अमरीश पुरी का अपनी बेटी सिमरन से कहना कि ‘जा सिमरन जा..जी ले अपनी जिंदगी’… हो या फिर रेलवे स्टेशन पर ‘पलट’ वाला डायलॉग, ऐसा हिट हुआ था कि आज भी इसे अक्सर दोहराया जाता है.

Tags: DDLJ, Kajol, Shah rukh khan



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