Amjad Khan Death Anniversary: ‘गब्बर सिंह’ की शोहरत ने अमजद खान को बनाया था एक बिस्कुट कंपनी का ब्रांड एम्बेसडर


अमजद खान (Amjad Khan) हिंदी सिनेमा के एक ऐसे खलनायक हैं जिन्हें शायद ही कभी भुलाया जा सकता है. यूं तो फिल्मों में विलेन के किरदार याद नहीं रखा जाता लेकिन कालजयी  फिल्म ‘शोले’ का गब्बर सिंह आज भी लोगों को याद आ है. इस रोल को दमदार तरीके से निभा पर्दे पर दहशत का दूसरा  बन गए अमजद खान फिल्म के हीरो से कम पॉपुलर नहीं हुए थे. इस फिल्म में कई डायलॉग अमजद खान की अदायगी की वजह से खूब हिट हुए, लेकिन जब अमजद ने पर्दे पर बोला ‘यहां से पचास-पचास कोस दूर जब बच्चा रात को रोता है तो मां कहती है सो जा बेटे नहीं तो गब्बर आ जाएगा’, इसकी दहशत ऐसी हुई कि अमजद को विज्ञापन फिल्म का चेहरा बना दिया. अमजद खान की पुण्यतिथि पर बताते हैं गब्बर सिंह का दिलचस्प किस्सा.

1975 में आई फिल्म शोले (Sholay) के किरदार गब्बर सिंह को भला कौन भूल सकता है ? करीब 132 फिल्मों में काम करने वाले अमजद खान 27 जुलाई 1992 को दुनिया को अलविदा कह गए थे. रमेश सिप्पी के निर्देशन में बनी आइकॉनिक फिल्म ‘शोले’ के हर कैरेक्टर, संवाद और गानों को दर्शक 47 साल बाद भी याद रखे हुए हैं. जिस किरदार गब्बर सिंह की वजह से अमजद को आज भी याद किया जाता है, वह उन्हें लक बाय चांस मिला था.

1975 में रिलीज हुई ‘शोले’ में धर्मेंद्र और अमिताभ बच्चन ने जय-वीरू का किरदार निभाया था. फाइल फोटो.

डैनी ने छोड़ दिया था ‘शोले’
दरअसल, रमेश सिप्पी अपनी फिल्म ‘शोले’ में डाकू गब्बर सिंह के रोल के लिए एक्टर डैनी डेंजोगप्पा को कास्ट कर लिया था. बकायदा एक फिल्म मैगजीन में ‘शोले’ की स्टारकास्ट के साथ तस्वीर भी छप गई थी लेकिन  डैनी  को उस वक्त फिरोज खान की फिल्म ‘धर्मात्मा’ की शूटिंग के लिए अफगानिस्तान जाना पड़ा लिहाजा ‘शोले’ छोड़नी पड़ी. डैनी के इनकार के बाद फिर उन्होंने इस दमदार किरदार के लिए दूसरे एक्टर की तलाश शुरू हुई. रमेश सिप्पी ने अमजद खान को स्टेज पर परफॉर्म करते देखा, उसी वक्त अमजद की अदायगी देख समझ गए थे कि ये गब्बर सिंह के रोल में परफेक्ट हो सकते हैं.

स्टेज पर अमजद को देख रमेश सिप्पी ने किया था फाइनल
रमेश सिप्पी ने 2020 में मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में बताया था कि ‘मैंने उनका एक स्टेज परफॉर्मेंस देखा था. उनकी आवाज, पर्सनैलिटी, लुक सब कुछ बेहद पसंद आ गया था. हमने गब्बर के रोल के लिए उनसे दाढ़ी बढ़ाने को कहा, फिर उनकी फोटो ली थी. फिर इस तरह उनका सेलेक्शन डाकू गब्बर सिंह के लिए हो गया. ‘शोले’ जब सिनेमाघर में प्रदर्शित हुई तो गब्बर सिंह छा गए.

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बिस्कुट कंपनी ने ‘गब्बर सिंह’ को बनाया ब्रांड एम्बेसडर
खूंखार डाकू हो या कॉमेडी रोल, हर किरदार में जान डाल देने वाले अमजद खान ने अपनी दमदार अदाकारी से खलनायकों के मानक ही बदल दिए थे. हर तरह के रोल में फिट बैठने वाले एक ऐसे विलेन थे जो कई बार फिल्म के नायकों पर भारी पड़ते थे. विलेन के रोल में अमजद खान की पॉपुलैरिटी ही है कि ‘शोले’ के बाद गब्बर के नाम पर कई फिल्में बन चुकी हैं. ‘शोले’ की कामयाबी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गब्बर सिंह इतना जबरदस्त हिट हुआ था कि अमजद खान को एक बिस्कुट बनाने वाली कंपनी में बतौर ब्रांड एम्बेडसर साइन किया. शायद ये पहला मौका था जब किसी विलेन को विज्ञापन फिल्मों में लिया गया था.

Tags: Amjad Khan, Death anniversary special, Entertainment Throwback



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