Detail Review: और कितना खींचना है हैरी पॉटर को ‘फैंटास्टिक बीस्ट्स: द सीक्रेट्स ऑफ डम्बल्डोर’


Detail Review: जॉनी डेप और उनकी पत्नी एम्बर हर्ड के बीच पिछले कुछ सालों से चल रहे मानहानि और घरेलू झगड़ों/ हिंसा के केस की वजह से जॉनी डेप को काफी नुकसान हुआ. पहले तो डिज्नी ने उन्हें पाइरेट्स ऑफ़ द कैरेबियन मूवी सीरीज से हटा दिया जब कि वे उस सीरीज के मुख्य किरदार कैप्टन जैक स्पैरो का किरदार पिछली 5 फिल्मों में निभा चुके थे. इसी तरह उन्हें फैंटास्टिक बीस्ट्स सीरीज की फिल्मों से भी विदाई लेनी पड़ी जिसमें पहली दो फिल्मों वो प्रमुख विलन के तौर पर काम कर रहे थे.

कोर्ट ने हालांकि जॉनी डेप पर लगे सभी इल्ज़ाम खारिज कर दिए और उनकी पत्नी एम्बर को एक लम्बा चौड़ा हर्ज़ाना देने को कहा गया मगर जॉनी ने तय किया कि वे न तो कप्तान जैक स्पैरो और न ही गेलेर्ट ग्रिंडेलवाल्ड के किरदार में वापिस लौटेंगे, भले ही उन्हें भारी भरकम फीस से क्यों न हाथ धोना पड़े. ये एक प्रमुख वजह है कि फैंटास्टिक बीस्ट्स- द सीक्रेट्स ऑफ़ डम्बल्डोर को देखने में दर्शकों को उतना मज़ा नहीं आया और ये इस सीरीज की सबसे कम सफल फिल्म है. वार्नर ब्रदर्स ने जब हैरी पॉटर सीरीज की किताबों पर फिल्म बनाने के लिए लेखिका जेके रोलिंग से अधिकार खरीदे थे, तब उन्हें इस बात का कतई अंदाजा नहीं होगा कि ये सीरीज उनके लिए सोने की खान साबित होगी.

जब हैरी पॉटर की सभी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर राजयोग लेकर चलीं तो वार्नर ब्रदर्स ने जेके रोलिंग को हैरी पॉटर सीरीज की कहानी को थोड़ा और पहले से शुरू करने के लिए कहा होगा और फिर लिखी गयी होगी हैरी पॉटर की प्रीक्वेल यानि फैंटास्टिक बीस्ट्स. पहली फिल्म (फैंटास्टिक बीस्ट्स एंड वेयर टू फाइंड देम) में गेलर्ट ग्रिंडेलवाल्ड का बहुत थोड़ा रोल था लेकिन उसका ज़िक्र लगभग पूरी फिल्म में अलग अलग जगह पर आता रहा. दूसरी फिल्म (फैंटास्टिक बीस्ट्स एंड द क्राइम्स ऑफ़ ग्रिंडेलवाल्ड) में जॉनी डेप का किरदार बड़ी भूमिका में था. इस कड़ी की तीसरी फिल्म फैंटास्टिक बीस्ट्स एंड द डम्बल्डोर सीक्रेट्स काफी महत्वकांक्षी फिल्म है लेकिन दर्शकों द्वारा इसे कम पसंद किया गया.

एल्बस डम्बल्डोर (ज्यूड लॉ) जो कि हैरी पॉटर के मैजिक स्कूल हॉगवर्ट्स का सर्वेसर्वा बनता है, अपनी ज़िंदगी में कई ऐसे काम कर चुका होता है जो शायद उसे नहीं करना चाहिए थे. हैरी पॉटर एंड डेथली होलोस में गेलर्ट ग्रिंडेलवाल्ड का ज़िक्र आता भी है. अपने माता पिता की मृत्यु के बाद डम्बल्डोर अपने छोटे भाई और बहन के लालन पालन में व्यस्त हो जाता है. दूसरी ओर एक और मैजिक स्कूल डार्मस्टांग से ग्रिंडेलवाल्ड को उसकी हरकतों की वजह से निकाल दिया जाता है. एक खतरनाक जादुई राज़ की तलाश में वो डंबलडोर तक पहुंच जाता है. दोनों की दोस्ती हो जाती, और दोनों में प्रेम भी हो जाता है.

दोनों कसम खाते हैं कि वे कभी एक दूसरे के खिलाफ नहीं लड़ेंगे और साथ मिल कर एक ऐसी दुनिया बसायेंगे कहां जादूगरों का राज होगा और आम इंसान इस दुनिया में नहीं रहेंगे. ग्रिंडेलवाल्ड की हरकतों की वजह से एल्बस का भाई अल्बेफोर्थ नाराज़ हो जाता है और अपने भाई को समझाता है कि वो जादूगरों की दुनिया बसाने का ख्वाब छोड़ दे और अपनी विकलांग बहन के बारे में सोचे. बात बढ़ जाती है तो दोनों डम्बल्डोर भाइयों और ग्रिंडेलवाल्ड में युद्ध हो जाता है जिसमें डम्बल्डोर की बहन की मौत हो जाती है और ग्रिंडेलवाल्ड वहां से भाग जाता है. इसके बाद ग्रिंडेलवाल्ड काले जादू की शक्तियां एकत्रित करता है और दुनिया का सबसे खूंखार जादूगर बन जाता है. एल्बस और ग्रिंडेलवाल्ड मिलने से कतराते रहते हैं.

सीरीज के इस भाग में डम्बल्डोर और ग्रिंडेलवाल्ड बरसों बाद मिलते हैं और ग्रिंडेलवाल्ड फिर से दुनिया से इंसानों को ख़त्म कर के जादूगरों की दुनिया बसाने की बात करता है लेकिन डम्बल्डोर उसे मना कर देता है. इंटरनेशनल कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ विज़ार्ड्स मिलकर ग्रिंडेलवाल्ड को सभी आरोपों से दोषमुक्त करार देते हैं और उसकी दुनिया के सबसे बड़े विज़ार्ड का चुनाव लड़ने की मांग मान ली जाती है. भूटान में दुनिया भर के सभी जादूगर इकठ्ठा होते हैं और एक बार फिर डम्बल्डोर और ग्रिंडेलवाल्ड आमने सामने होते हैं. इन सबके बीच में डम्बल्डोर के जासूसों को ग्रिंडेलवाल्ड बंदी बना के रखता है लेकिन आखिरी समय पर वे सभी बंदी और डम्बल्डोर की टीम के कुछ और जादूगर चुनाव में पहुंच जाते हैं जहां डंबलडोर के सर्वश्रेष्ठ जादूगर चुना जाता है लेकिन वो उसे मना कर देता है. हार से तमतमाया हुआ ग्रिंडेलवाल्, सारी सृष्टि से इंसानों को ख़त्म करने का बीड़ा उठाता है. डम्बल्डोर और ग्रिंडेलवाल्ड में युद्ध होता है और अपनी हार को सामने देख कर ग्रिंडेलवाल्ड गायब हो जाता है.

फिल्म हैरी पॉटर सीरीज के अंदाज़ में है भी लेकिन अपने तरीके से जुदा भी है. पिछले दोनों भागों से इस भाग में कुछ नए चेहरे देखने को मिले. जॉनी डेप को न लेने का निर्णय शायद वार्नर ब्रदर्स पर भारी पड़ता लेकिन उन्होंने ग्रिंडेलवाल्ड की भूमिका में मैड्स मिकेल्सन को लिया. मैड्स वैसे तो एक स्थापित कलाकार हैं लेकिन जॉनी डेप की जगह लेने में उन्हें बड़ा संकोच था क्योंकि वे खुद जॉनी के बहुत बड़े फैन हैं. मैड्स ने इस फिल्म में जो कमाल काम किया है वो काबिल-ए-तारीफ है क्योंकि जॉनी की जगह लेने के साथ साथ उन्हें अपनी अभिनय शक्ति का पूरा परिचय देना पड़ा. उनका अभिनय जॉनी से काफी अलग था लेकिन उन्होंने ऐसा हरगिज़ महसूस नहीं होने दिया कि वे पहली बार ये भूमिका निभा रहे हैं. मैड्स कैसिनो रोयाल में बॉन्ड विलन बने. टीवी सीरीज हैनिबल में डॉक्टर हैनिबल की मुख्य भूमिका निभाई और मार्वल की डॉक्टर स्ट्रेंज में भी एक महती भूमिका में नज़र आये. मूलतः डैनिश फिल्मों के सितारे मैड्स को अंतर्राष्ट्रीय सिनेमा में एक लाजवाब एक्टर का दर्जा दिया जाता है. वहीं डम्बल्डोर की भूमिका ज्यूड लॉ ने निभाई है. ज्यूड अपने चेहरे पर महीन से महीन एक्सप्रेशन को ला पाने में कामयाब होते हैं इसलिए डम्बल्डोर जैसे जटिल किरदार में वे खूब फबे हैं.

ज्यूड लॉ को शर्लाक होम्स में रॉबर्ट डाउनी जूनियर के साथ डॉक्टर वॉटसन का किरदार निभाने के लिए बहुत पसंद किया गया था. कम से कम एक दर्जन अवॉर्ड जीत चुके एडी रेडमैन की भूमिका इस फिल्म में महती थी क्योंकि पहली दो फिल्मों की ही तरह वो इस बार भी डम्बल्डोर के साथ मिल कर ग्रिंडेलवाल्ड को हराने में लगे हुए थे. एल्बस डम्बल्डोर के भाई एल्बेफोर्थ डम्बल्डोर के पुत्र औरेलियस डम्बल्डोर की भूमिका एज्रा मिलर ने निभाई है. एज्रा की निजी ज़िन्दगी विवादों से भरी पड़ी है लेकिन बतौर अभिनेता उनका अभिनय अव्वल दर्ज़े का है. जब उसे अपने पिता की जानकारी मिलती है तो उस दृश्य में उसका अभिनय देखने लायक है.

ब्रिटिश टेलीविज़न की दुनिया में निर्देशक डेविड येट्स एक जाना माना नाम हैं. उन्हें कई अवॉर्ड्स भी मिल चुके हैं. 2004 में अपनी एक फिल्म के निर्देशन करते हुए उन्हें सूचना मिली की वार्नर ब्रदर्स उन्हें हैरी पॉटर सीरीज की अगली फिल्मों के निर्देशन का ज़िम्मा सौंपना चाहते हैं. 2006 में हैरी पॉटर एंड द ऑर्डर ऑफ़ द फ़ीनिक्स से शुरू हुआ डेविड का सफर, हैरी पॉटर एंड द डेथली हैलोस पार्ट 2 पर ख़त्म हुआ. डेविड की फिल्म मेकिंग तकनीक ने वार्नर ब्रदर्स के मैनेजमेंट को उनका फैन बना दिया और इसी वजह से उन्हें फैंटास्टिक बीस्ट्स सीरीज की फिल्में भी डायरेक्ट करने को मिली.

अभी तक 3 फिल्में आयी हैं और संभव है कि 2 फिल्में और इस सीरीज में जुड़ें. विजुअल मीडियम की डेविड की समझ और अपने कलाकारों से उनका सर्वश्रेष्ठ निकलवाने की उनकी आदत की वजह से डेविड आज दुनिया के सबसे सफल डायरेक्टर्स में से एक हो गए हैं. एक एक शॉट के वो तब तक रिटेक लेते रहते हैं जब तक कि वे स्वयं संतुष्ट न हो जाएं और इसलिए उनका काम दुनिया भर में सराहा जाता है. डम्बल्डोर और ग्रिंडेलवाल्ड की मुलाक़ात के दृश्य को गौर से देखने से पता चलता है कि कहानी की सारी लेयर्स एक ही दृश्य में कैसे लायी जा सकती है.

एल्टन जॉन के साथ अपना करियर शुरू करने वाले जेम्स न्यूटन हॉवर्ड का संगीत हर दृश्य की गरिमा और भावना को बढ़ाने के काम आता है. जेम्स ने इस सीरीज के अलावा हंगर गेम्स, और नाईट क्रॉलर जैसी फिल्मों में अपने संगीत से फिल्म को सशक्त किया है. इस बार डेविड ने सिनेमेटोग्राफी का ज़िम्मा जॉर्ज रिचमंड को दिया है और उन्होंने कतई निराश नहीं किया। हैरी पॉटर के समय से डेविड के साथ रहे एडिटर मार्क डे ने इस लम्बी फिल्म को बोझिल होने से बचाये रखा है. कई सारे ट्रैक्स एक साथ चलते हैं और हर किरदार को उसके महत्त्व के हिसाब से स्क्रीन टाइम देना ये किसी कुशल एडिटर का ही काम हो सकता है. फैंटास्टिक बीस्ट्स एक अद्भुत संसार है, हैरी पॉटर से मिलता जुलता तो है लेकिन उनकी अपनी एक अलग पहचान भी है. इस फैंटसी फिल्म को देखने के लिए समय निकालिये. तीनों फिल्म एक साथ बिंज वाच करते हुए देखेंगे तो और मज़ा आएगा.

डिटेल्ड रेटिंग

कहानी :
स्क्रिनप्ल :
डायरेक्शन :
संगीत :

Tags: Film review



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