Rajendra kumar Birth Anniversary: मात्र 50 रुपए लेकर हीरो बनने आए थे राजेंद्र कुमार, हिट फिल्मों ने बनाया ‘जुबली कुमार’


राजेंद्र कुमार (Rajendra Kumar) एक ऐसे एक्टर हैं जिसने सफलता और असफलता दोनों ही दौर देखा. संघर्षों की पथरीली राह पर लगातार चलते हुए जहां अपने सपनों को साकार किया वहीं एक समय ऐसा आया कि उन्हें अपना घर भी बेच देना पड़ा. हिट फिल्में देकर जुबली कुमार के नाम से प्रसिद्ध राजेंद्र कुमार का जन्म 20 जुलाई 1929 में सियालकोट, पाकिस्तान में हुआ था. करीब 4 दशक तक फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा रहे राजेंद्र कुमार ने फर्श से अर्श तक का सफर अपनी मेहनत और काबिलियत के बलबूते पूरा किया था. राजेंद्र कुमार की जयंती पर बताते हैं इनके जीवन से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें.

कहते हैं कि राजेंद्र कुमार जब अपनी आंखों में हीरो बनने का ख्वाब सजाए मायानगरी पहुंचें थे तो उनके पास मात्र 50 रुपए थे. हालांकि उस दौर के हिसाब से ठीक ठाक रुपया था. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ये पैसा भी उन्हें अपने पिता की दी हुई घड़ी बेचने के बाद मिली थी. जाहिर सी बात है ऐसे इंसान के लिए सफलता की राह आसान तो नहीं रही होगी.

राजेंद्र कुमार काफी संघर्ष के बाद लीड एक्टर बने
राजेंद्र कुमार ने अपने करियर की शुरुआत एचएस रवैल के साथ बतौर सहायक निर्देशक किया था. ये काम भी उन्हें अपने मित्र गीतकार राजेंद्र कृष्ण की वजह से मिला था. 150 रुपए की सैलरी पर राजेंद्र को काम मिला तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा. साल 1950 में फिल्म ‘जोगन’ में दिलीप कुमार के साथ पर्दे पर दिखने का मौका मिला. राजेंद्र कुमार के लिए पहली फिल्म फायदे का सौदा नहीं रही. करीब सात साल अपनी जगह बनाने की जद्दोजहद में जूझते हुए आखिरकार 1957 में आई फिल्म ‘मदर इंडिया’ में छोटा सा रोल मिला. छोटे से रोल में राजेंद्र कुमार ने जान डाल दी और 1959 में फिल्म ‘गूंज उठी शहनाई’ बतौर लीड एक्टर काम करने का मौका मिला.

राजेंद्र कुमार की फिल्में 25 हफ्ते लगातार सिनेमाघर में चलती रही थी.

हिट फिल्मों ने राजेंद्र कुमार का बदल दिया नाम
इस फिल्म को करने के बाद लीजेंड एक्टर को पीछे मुड़कर नहीं देखना पड़ा. ‘धूल का फूल’, ‘मेरे महबूब’, ‘आई मिलन की बेला’, ‘संगम’ , ‘आरजू’ जैसी फिल्मों की जबरदस्त कामयाबी की वजह से उन्हें जुबली कुमार के नाम से  बुलाया जाने लगा. कहते हैं पॉपुलैरिटी का आलम ये था कि राजेंद्र कुमार की फिल्में 25 हफ्ते तक लगातार सिनेमाघरों में चलती रही थी.

राजेंद्र कुमार का लकी बंगला
राजेंद्र कुमार ने खूब मेहनत की पैसा कमाया तो बांद्रा में समंदर के किनारे शानदार बंगला खरीदा. इस बंगले को राजेंद्र ने एक्टर भारत भूषण से खरीदा था. इस बंगले का नाम एक्टर ने अपनी बेटी के नाम पर ‘डिंपल’ रखा था. ये बंगला एक्टर के लिए काफी लकी साबित हुआ और उनके पास फिल्मों की भरमार लग गई थी. लेकिन एक समय ऐसा आया कि उनका स्टारडम फीका पड़ने लगा. माली हालत खराब हो गई तो अपना बंगला उस दौर के उभरते सितारे राजेश खन्ना को बेच दिया, जिसका नाम राजेश ने ‘आशीर्वाद’ रखा. इसी बंगले में आने के बाद राजेश खन्ना को स्टारडम हासिल हुआ और उन्हें सुपस्टार का तमगा मिला.

rajendra kumar

राजेंद्र कुमार के बंगले में आने के बाद सुपरस्टार बने थे राजेश खन्ना.

राजेंद्र के बेटे कुमार गौरव भी एक्टर
राजेंद्र कुमार की पर्सनल लाइफ की बात करें तो इनकी दो बेटियां और एक बेटा है. बेटे कुमार गौरव ने भी फिल्मों में बतौर एक्टर सफल पारी खेली लेकिन जल्दी ही फिल्मी दुनिया से दूरी बना ली.

Tags: Actor, Birth anniversary



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