Tarun Majumdar Death: बालिका वधू के डायरेक्टर तरुण मजूमदार का निधन, लंबे समय से थे बीमार


Tarun Majumdar Passes Away: मध्यमवर्गीय परिवारों के जीवन की आकर्षक कहानियों पर आधारित फिल्में बनाने के लिए मशहूर निर्देशक तरुण मजूमदार (Tarun Majumdar) अब इस दुनिया में नहीं रहे. प्रसिद्ध फिल्मकार का सोमवार को कोलकाता के एक अस्पताल में निधन हो गया. उन्होंने 11 बजकर 17 मिनिट पर अपनी आखिरी सांस ली. पारिवारिक सूत्रों ने तरुण मजूमदार के निधन की पुष्टि की है. उनके निधन की खबर सामने आने के बाद इंडस्ट्री के कई कलाकारों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है.

तरुण मजूमदार 92 वर्ष के थे, कई अंगों की खराबी के चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था. रविवार को अचानक हालत बिगड़ने के बाद उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका. मजूमदार का पिछले कुछ दिनों से उम्र संबंधी बीमारियों के कारण सरकारी एसएसकेएम अस्पताल में इलाज हो रहा था.

मध्यवर्गीय परिवारों के जीवन को फिल्मों में दिखाया
मजूमदार, मध्यमवर्गीय परिवारों के जीवन को उजागर करने वाली सम्मोहक कहानियों पर आधारित फिल्में बनाने के लिए जाने जाते हैं, उन्होंने अपने काम के लिए चार राष्ट्रीय पुरस्कार और पांच फिल्मफेयर पुरस्कार जीते. यही नहीं, 1990 में उन्हें पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया था.

तरुण मजूमदार की फिल्में
भारतीय सिनेमा को उन्होंने बालिका वधू (1976) जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्म दी है. इसके अलावा कुहेली (1971), श्रीमान पृथ्वीराज (1972), फुलेश्वरी (1974), दादर कीर्ति (1980), भालोबासा भालोबासा (1985) और अपान अमर अपान (1990) जैसी फिल्मों के जरिए भी उन्होंने इंडस्ट्री का नाम ऊंचा किया. उनकी पत्नी संध्या रॉय ने उनकी बीस फिल्मों में और तापस पॉल ने आठ में अभिनय किया.

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